कोलकाता के शिवनाथ दे और प्रणव वर्धन की जोड़ी ने ओलंपिक में जीता सोना

रिपोर्ट : मनोज प्रसाद

 

कोलकाता : ताश के पत्तो के वजह से अपने अक्सर किसी के घर बिखरते और उजड़ते देखा होगा पर क्या आपने कभी ताश के उन्ही पत्तो के वजह से किसी की जिंदगी संवरते देखी है, अगर नही देखी तो आइए हम आपको परिचय कराते है ऐसे ही एक सक्स से जिस सक्स को उन्ही तास के पत्तो ने पूरी दुनिया में एक नई पहचान दे दी है. जी हां कोलकाता सलकिया के रहने वाले शिवनाथ दे सरकार को हर खेल में रुचि थी और वो हर खेल को बड़े ही प्यार से और अच्छे अंदाज से खेला करते थे. पर उनके सभी खेलो में तास का खेल उनके लिए सबसे ज्यादा पसंदीदा था. शायद तास के प्रति उनकी यही पसंद और उनका रुझान आज ओलम्पिक खेल में कामयाबी के मोकामा तक पहुंचाया और देश के लिए सोने का मेडल जीत कर पूरे विश्व मे भारत का नाम रौशन कराया।

प्रणब बर्धन और शिबनाथ सरकार ने शनिवार को पुरूषों की युगल स्पर्धा में पहला स्थान हासिल करके भारत को 18वें एशियाई खेलों में ब्रिज प्रतियोगिता का स्वर्ण पदक दिलाया। साठ वर्षीय प्रणब और 56 वर्षीय शिबनाथ फाइनल्स में 384 अंकों के साथ शीर्ष पर रहे।

चीन के लिक्सिन यांग और गांग चेन ने 378 अंक हासिल करके रजत तथा इंडोनेशिया के हेंकी लासुट और फ्रेडी इडी मोनोप्पा ने 374 अंक साथ कांस्य पदक जीता। भारत की दो अन्य जोड़ियां हालांकि अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पायी। सुमित मुखर्जी और देबब्रत मजूमदार की जोड़ी 333 अंक लेकर नौवें जबकि सुभाष गुप्ता और सपन देसाई 306 अंक के साथ 12वें स्थान पर रहे।

पहली बार एशियन गेम्स में शामिल किये गए ब्रिज से ये भारत के खाते में ये तीसरा मेडल है। इससे पहले ब्रिज के मेंस टीम और मिक्स्ड टीम इवेंट में भारत दो ब्रॉन्ज मेडल जीत चुका है। इससे पहले शनिवार को खेल के 14वें दिन भारत को बॉक्सिंग से भी एक गोल्ड मेडल आया। भारतीय मुक्केबाज अमित पंघल ने 49 किलोग्राम के फाइनल में दमदार प्रदर्शन करते हुए ओलंपिक चैम्पियन उज्बेकिस्तान के हसनबॉय दुसामातोव को 3-2 से हराया।

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