दिल्ली विश्वविद्यालय चुनाव में ABvP का दबदबा, लेकिन EVM में आई गड़बड़ियों से चुनाव विवादों में ,चुनाव के लिए इस्तेमाल हुआ EVM चुनाव आयोग का नही था

दिल्ली विश्वविद्यालय चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने बाजी मार ली है. इस चुनाव में अध्यक्ष पद समेत एबीवीपी की झोली में तीन पद आए हैं. तो वहीं NSUI के खाते में एक पद आया है.

दिल्ली विश्वविद्यालय में हुए इन चुनाव में 23 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला 1.35 लाख छात्रों के हाथों में था. जिसमें से अध्यक्ष पद पर एबीवीपी ने जीत हासिल की है. इस पद पर एबीवीपी के उम्मीदवार अंकिव बसोया को जीत हासिल हुई है. अंकित को 20,457 वोट मिले. वहीं इनके खिलाफ चुनाव लड़ रहे एनएसयूआई के सन्नी को 18,723 वोट ही मिले. इसके अलावा एबीवीपी के खाते में उपाध्यक्ष पद और संयुक्त सचिव पद भी आ गया है.

चुनाव में वाइस प्रेसिडेंट के लिए ABVP उम्मीदवार शक्ति सिंह को 23,046 मिले तो वहीं उनके खिलाफ खड़े एनएसयूआई से लीना को 15,000 वोट हासिल हुए. जॉइंट सेक्रेटरी पद जीतने के लिए ABVP उम्मीदवार ज्योति चौधरी को 19,353 वोट हासिल हुए हैं तो वहीं एनएसयूआई के सौरभ को 14381 वोट ही हासिल हो सके.

NSUI के खाते में एक सीट

इसके अलावा एनएसयूआई को भी एक पद मिल गया. सेक्रेटरी पद पर NSUI को जीत मिली है. एनएसयूआई उम्मीदवार आकाश चौधरी को 20,198 वोट मिले हैं. इनके खिलाफ लड़ रहे एबीवीपी के सुधीर को 14109 वोट मिले.

बता दें कि पिछले साल हुए DUSU चुनाव में दो सीटें प्रेसिडेंट और वाइस प्रेसिडेंट पर NSUI उम्मीदवार जीते थे. वहीं दो सीटें सेक्रेटरी और जॉइंट सेक्रेटरी पद ABVP ने जीत हासिल की थी. 2017 के DUSU चुनाव में प्रेसिडेंट पद पर NSUI उम्मीदवार रॉकी तुसीद ने जीत हासिल की थी.

चुनाव पर उठे सवाल

इस चुनाव को लेकर बड़ी बात ये रही है कि वोटो की गिनती शुरू होते ही ये विवादों में आ गया और लोग सवाल खड़े करने लगे। पहले तो ईवीएम में गड़बड़ी की बात सामने निकलकर आयी कि जिन ईवीएम से वोटिंग हुए है उस ईवीएम को चुनाव आयोग ने दिया ही नही है । ऐसे में सवाल उठता है कि क्या कोई भी कॉलेज प्राइवेट ईवीएम का इस्तेमाल कर सकता है ?ऐसे में ईवीएम में किसी तरह की गड़बड़ी नही हुई है इसकी पुष्टि कौन करेगा ?

 

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