नीतीश के हुए प्रशांत किशोर, कितना होगा फायदा ?

बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी ‘जाति आधारित” नहीं बल्कि काम आधारित है. पटना में मुख्यमंत्री आवास पर जदयू की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि उनकी पार्टी जाति आधारित नहीं बल्कि काम आधारित है और पार्टी कार्यकर्ताओं को अपनी ताकत का अहसास होना चाहिए.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूरे विश्वास के साथ कहा कि हमलोगों की ताकत लोकसभा में तो बढ़ेगी ही और 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में भी भारी बहुमत से हम वापस आयेंगे. नीतीश कुमार ने पंचायत स्तर तक संगठन को मजबूत करने के लिए पदाधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिये. उन्होंने बूथ लेवल एजेंट की नियुक्ति कर उन्हें प्रशिक्षित करने और प्रकोष्ठों के बीच समन्वय स्थापित करने तथा जिला स्तर पर राजनैतिक सम्मेलन करने पर जोर दिया.

जदयू के प्रदेश अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देशों का अविलंब पालन होगा. उन्होंने छात्रों, युवाओं और महिलाओं की विशेष सहभागिता पर जोर दिया तथा पार्टी के सभी मंत्रियों से आग्रह किया कि वे अपने प्रभार वाले जिलों के अलावा पास के अन्य जिलों पर भी ध्यान दें. वहीं, जदयू के राष्ट्रीय महासचिव आरसीपी सिंह ने कहा कि वोट की चिंता किये बिना केवल अपने नेता और अपनी सरकार के कार्यों को जनता के बीच रख देना है.

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