शिवकुमार के सहारे कांग्रेस पर बीजेपी का ‘अटैक’ , हवाला के पैसे कांग्रेस ऑफिस लाने का आरोप

बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने विपक्षी पार्टी कांग्रेस पर करारा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस और करप्शन अब एक नाम हो गए हैं. काले धन को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस  पर कई नए और गंभीर आरोप लगाए हैं. बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस के दफ्तर में किलो और टनों के हिसाब से हवाला का रुपया पहुंचता था. पात्रा ने कहा, “बिना हिसाब वाला कैश, हवाला लेन-देन और भ्रष्ट सौदे वो स्तंभ हैं जिनपर कांग्रेस पार्टी बैठती है.”

संबित पात्रा यहीं नहीं रुके उन्होने सीधे सीधे इस मामले के तार कांग्रेस के दिल्ली दफ्तर से जुड़े होने का दावा किया है..जिस तरह से बीजेपी ने ये हमला किय़ा है वो कांग्रेस को बैकफुट पर धकेल सकता है. दरअसल आयकर विभाग ने डीके शिवकुमार के खिलाफ कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल कर दिया है और ईडी भी अब कई लोगों से पूछताछ करेगी. मुसीबत के वक्त कांग्रेस विधायकों को अपने इस रिजॉर्ट में रखने वाले कर्नाटक के कद्दावर नेता और मंत्री डीके शिवकुमार को लेकर कई गंभीर बातें सामने आई थीं. सरकारी अफसर अंजनैया हनुमंता ने शिवकुमार को लेकर कई खुलासे किए. दिल्ली के कर्नाटक भवन में सहायक लाइजन अधिकारी अंजनैया का नाम 2017 में तब सामने आया था जब डीके शिवकुमार के ठिकानों पर छापे मारे गए थे. इसी दौरान उनके दिल्ली के फ्लैटों के बारे में पता चला था. फ्लैट की चाबियां अंजनैया के यहां से बरामद हुई थी और फ्लैट से 8 करोड़ रुपए से ज्यादा बरामद हुए थे.

अंजनैया से पूछताछ में सख्ती हुई तो उसने डीके शिवकुमार के खिलाफ खुलासों की झड़ी लगा दी. अंजनैया ने बताया कि अलग अलग फ्लैट से बरामद सारा पैसा डीके शिवकुमार का है. ये पैसा कभी किसी आदमी के जरिए और कभी राजेंद्रन के पास से आता था. राजेंद्रन भी कर्नाटक सरकार का सेवानिवृत अधिकारी हैं और वो भी डीके के लिए काम करते हैं. हर महीने 2 से 3 करोड रुपया आता था और फिर डीके शिवकुमार के निर्देश पर इधर उधर दिया जाता था. वहीं, दिल्ली में फ्लैट खरीदे ही इसलिए गए ताकि वहां कैश रखा जा सके.. दिलचस्प ये कि पैसे इधर-उधर करने के लिए कोडवर्ड का इस्तेमाल होता था. मसलन 65 लाख की रकम के लिए 65 किलोग्राम शब्द का इस्तेमाल होता था. कुल मिलाकर डीके शिवकुमार कठघरे में हैं.

डीके शिवकुमार का पूरा नाम डोड्डालाहल्ली केम्पेगौड़ा शिवकुमार है. सिद्धरमैया सरकार में डीके शिवकुमार ऊर्जा मंत्री थे. कर्नाटक कांग्रेस में वोकालिग्गा समुदाय से आने वाले ये बड़े नेता हैं. कर्नाटक की राजनीति में डीकेएस के नाम से फेमस हैं. लेकिन जांच ऐजेंसियो की चंगुल में आने के बाद डीके सवालों के घेर में है.. कांग्रेस उनका बचाव करते हुए कह रही है कि ये महज दबाव बनाने की राजनीति है…

पहले जांच एजेंसियों की कार्रवाई और फिर बीजेपी का इस तरह से हल्ला बोल करना कांग्रेस के लिए परेशानी बढ़ा सकता है क्योंकि बीजेपी सीधे राहुल गाँधी और दिल्ली कांग्रेस मुख्यालय को इस पूरे मामले में घेर रही है…

 

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